यही हालात इब्तिदा से रहे


यही हालात इब्तिदा से रहे

लोग हम से ख़फ़ा ख़फ़ा से रहे

इन चराग़ों में तेल ही कम था

क्यूँ गिला हम को फिर हवा से रहे

बहस शतरंज शेर मौसीक़ी Continue reading

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