आज फिर वहीँ से गुजरा


जितेन्द्र जोशी

जितेन्द्र जोशी

आज फिर वहीँ से गुजरा
जहां हम मिले थे
मुझे आज वो दोनों मिले
जो बिछड़े थे
वो गुस्साए
अलसाये
ऊब चुके
दर्द में रुके
कारवाई में लगे थे Continue reading