गुलजार


Advertisements

दो मासूम खुदा


शिमला के सफ़र का एक मंज़र :

सर्दी थी और कोहरा था
और सुबह की बस आधी आँख खुली थी,
आधी नींद में थी!

शिमला से जब नीचे आते
एक पहाड़ी के कोने में
बस्ते जितनी बस्ती थी इक Continue reading